Monday, December 13, 2010

एक जरूरी संदेश......जनहित में जारी





डॉ.टी.एस. दराल जी के ब्लॉग से --------------एक ई- मेल का हिन्दी अनुवाद
अगर आप इसे औरों तक पहुँचाना चाहें तो प्लेयर को डाउनलोड करके अपने ब्लॉग पर लगा सकते हैं...
स्मॄति शेष----- एक भजन रचना की आवाज में

11 comments:

सतीश सक्सेना said...

डॉ दराल की मार्मिक और दर्दनाक सन्देश देती रचना ! इतनी बेहतरीन रचना को स्वरबद्ध करने के लिए आपका आभार

राज भाटिय़ा said...

धन्यवाद इस रचना के लिये, कृप्या आप अपना पुरा नाम देती तो अच्छा होता,

प्रवीण पाण्डेय said...

ऑडियो सुनने में समस्या हो रही है।

प्रवीण पाण्डेय said...

यह तो प्रबन्धन की बड़ी अच्छी सीख है।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" said...

उपयोगी सन्देश सुनाने के लिए बधाई!

संजय भास्कर said...

उपयोगी सन्देश

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

आभार।

---------
दिल्‍ली के दिलवाले ब्‍लॉगर।

अरविन्द जांगिड said...

उपयोगी जानकारी के लिए आपका आभार.

उपेन्द्र ' उपेन ' said...

इस सन्देश से रूबरू करवाने के लिए आभार... बहुत उपयोगी

Er. सत्यम शिवम said...

बहुत ही सुंदर अभिव्यक्ति.........मेरा ब्लाग"काव्य कल्पना" at http://satyamshivam95.blogspot.com/ जिस पर हर गुरुवार को रचना प्रकाशित साथ ही मेरी कविता हर सोमवार और शुक्रवार "हिन्दी साहित्य मंच" at www.hindisahityamanch.com पर प्रकाशित..........आप आये और मेरा मार्गदर्शन करे..धन्यवाद

Shashi said...

very beautiful , made me cry when I listened in your voice .