Tuesday, October 1, 2013

बधशाला भाग दो

आशीष राय जी की कलम खूब चलती है ...युगदॄष्टि पर .....

तनि हम भी पूछ लें - नीक बा ?

6 comments:

ashish said...

आभार आपका .

प्रवीण पाण्डेय said...

पढ़ने का आनन्द सुनने के बाद और भी बढ़ जाता है।

दिगम्बर नासवा said...

वाह सुनने का अलग ही मज़ा है ... वो भी आपकी आवाज़ में ...

दिलबाग विर्क said...

आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 03-10-2013 के चर्चा मंच पर है।
कृपया पधारें।
धन्यवाद ।

सु..मन(Suman Kapoor) said...

बधाई ब्लॉगर मित्र ..सर्वश्रेष्ठ ब्लॉगों की सूची में आपका ब्लॉग भी शामिल है |
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Ramakant Singh said...

प्रकृति का मानवीकरण और आपकी बेहतरीन प्रस्तुति