Wednesday, October 30, 2013

हिसाब अब भी बाकी है ....


मुझे आज भी याद है
वो शाम
जब लिखा था तुमने मेरा नाम
अपनी डायरी में
तुम्हारे नाम के पीछे
और मैं लड़ी थी तुमसे
आगे लिखने के लिए
तुमने कहा था-
मैं सूरज  हूं
जिन्दगी में राह बनाता चलूंगा
इसलिए आगे मैं रहूंगा
तुम हो चाँदनी
जिसमें रहती हैं आँखे नीचे
तो तुम रहोगी हमेशा पीछे....


मुझे आज भी याद है
वो शाम
जब लिखा था तुमने मेरा नाम
अपनी डायरी में
तुम्हारे नाम के पीछे
और मैं लड़ी थी तुमसे
आगे लिखने के लिए
तुम न माने थे
आगे रहे
और आगे निकल गए 
मैं अब लिखती हूँ
तुम्हारा नाम
मेरे नाम के पीछे
क्यों, कोई मुझसे ये न पूछे
हिसाब अब भी बाकी है
पूरा करूगी
अगले जनम ......

18 comments:

Anurag Sharma said...

हृदयस्पर्शी रचना। मन के रिश्तों में कोई भले ही आगे निकल जाये, पीछे रह जाये, पास हो या दूर, हर अपना हर पल हमारे साथ ही होता है

प्रवीण पाण्डेय said...

रात कितनी भी गहराये,
दिन आयेगा, दिन आयेगा।

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

Aankhein moonde ek ek lafz mahasoos karne ki koshish kar raha hoon.

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

Aankhein moonde ek ek lafz mahasoos karne ki koshish kar raha hoon.

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

Aankhein moonde ek ek lafz mahasoos karne ki koshish kar raha hoon.

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

Aankhein moonde ek ek lafz mahasoos karne ki koshish kar raha hoon.

राजीव कुमार झा said...

बहुत सुन्दर .
नई पोस्ट : दीप एक : रंग अनेक

Rajeev Kumar Jha said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल शनिवार (02-11-2013) "दीवाली के दीप जले" चर्चामंच : चर्चा अंक - 1417” पर होगी.
सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है.
सादर...!

प्रसन्न वदन चतुर्वेदी said...

वाह...उत्तम लेखन ...दीपावली की शुभकामनाएं.....

प्रसन्न वदन चतुर्वेदी said...

वाह...उत्तम लेखन ...दीपावली की शुभकामनाएं.....

madhu singh said...

तम का अंतिम प्रहार सबेरा है,रश्मि रथी का डेरा है दीपावली की हार्दिक बधाईयाँ एवं शुभकामनाएँ।।

Onkar said...

सुन्दर रचना

कालीपद प्रसाद said...

बहुत बढ़िया रचना !
नई पोस्ट हम-तुम अकेले

ई. प्रदीप कुमार साहनी said...

भावपूर्ण प्रस्तुति |

Reena Maurya said...

बेहद भावपूर्ण रचना...

vandana gupta said...

sundar rachna

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
--
आपको और आपके पूरे परिवार को दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ।
स्वस्थ रहो।
प्रसन्न रहो हमेशा।

आशा जोगळेकर said...

सुंदर रचना, पर प्यार में हिसाब कहां..........।