Wednesday, April 30, 2014

आई रे आई रे हँसी आई....

नानी कहती है -
" अपनी एक मुस्कराहट कई लोगों को उनकी परेशानियों में भी खुशी दे जाती है .....तो हमेशा मुस्कुराते रहना चाहिए ...जाने -अनजाने लोग अपने दुःख भूल जाते हैं

..और नानी की दादी ने नानी को बताया है कि-

"हँसने के पैसे थोड़े ही न लगते है !"
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और तो और काजल नानू (अब मैं तो नानू ही कहूँगी,पूछा क्या पुकारूं तो अब तक बताया नहीं है ....:-( .....) ने तो घोषणा भी कर दी की- "मायरा" ,मुस्कुराने वाली बच्ची है !
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. देखिए ...और शुभकामनाएं दीजिए कि सदा  हँसने वाली बच्ची बनी रहूँ .......

10 comments:

sachin Jaiswal said...

God bless u नानी की बेटी..

सदा said...

ये मुस्‍कान :) सदा यूँ ही क़ायम रहे
बस यही दुआ है
मायरा की माँ और नानी के साथ पूरे परिवार के लिये

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

अभी से मुस्कुराहट का ये आलम है तो ये गुडिया रानी लगता है हमें कभी ग़मगीन नहीं होने देगी!!
/
मुस्कुरा लाड़ली, मुस्कुरा,
कोई भी फूल इतना नहीं ख़ूबसूरत
है जितना ये मुखड़ा तेरा
मुस्कुरा लाड़ली, मुस्कुरा!!

ब्लॉ.ललित शर्मा said...

अरे अब तो "मायरा" मुस्काने लगी है। पैदा होते ही मायरा जो बन गयी :)

प्रतिभा सक्सेना said...

और हम सारे काम-धन्धे छोड दौड़ पडते हैं ,
उस भुवन-मोहिनी मुस्कान को निहारने ,
उस दीप्त मुख के आनन्द-विभोर क्षण की आकांक्षा में !

Onkar said...

हमारी शुभकामनाएं हैं

प्रवीण पाण्डेय said...

बच्चों की हँसी आनन्द दे जाती है।

आशा जोगळेकर said...

मुस्कुराने के पैसेनही लगते। लगता है मायरा को पता है।

मीनाक्षी said...

नन्हीं मायरा की मुस्कान ही सच है बाकि सब झूठ... खूब सारा प्यार और आशीर्वाद

संजय भास्‍कर said...

खूब सारा प्यार