Wednesday, September 29, 2010

सुनिए मीराबाई का एक भजन



   

20 comments:

फ़िरदौस ख़ान said...

बहुत ही मधुर...

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

आपने मीराबाई के इस सुन्दर पद को
अपने मधुर स्वर में
बहुत ही तन्मय होकर गाया है!
--
सुनकर कानों को अच्छा लगा!

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

बहुत मधुर!!

राज भाटिय़ा said...

बहुत मधुर लगा मीरा का यह भजन, धन्यवाद

शोभना चौरे said...

अर्चनाजी
बहुत ही सुन्दर मधुरता से गया है भजन |
आप तो इंदौर ही रहती है |कभी मिलिए न |
आभार

शरद कोकास said...

बहुत अच्छा गाया है आपने ।

Archana said...

आभार आप सभी का-- समय देकर सुनने के लिए

प्रवीण पाण्डेय said...

मधुरम्, सदा की तरह।

दिगम्बर नासवा said...

बहुत मधुर आवाज़ है आपकी ...

mahendra verma said...

अच्छा गाया है आपने, भजन के भाव भी अच्छे हैं।
संत कवियों की रचनाएं पढ़ने के निए मेरे ब्लाग पर पधारने का कष्ट करें।

Gourav Agrawal said...

@अर्चना दीदी

अरे वाह .... भजन लगाया है ...... वो भी अपनी आवाज में [टिप्पणियों से ज्ञात हुआ ]
अभी तो तकनीकी असुविधा की वजह से सुन नहीं पाया हूँ :(
सुन कर बताऊंगा कैसा लगा ?:)
मुझे ख़ुशी हुयी पोस्ट का ये विषय देखकर :)
इसलिए टिपण्णी किये बिना रहा नहीं गया :)

संजय कुमार चौरसिया said...

sundar bhajan

संजय कुमार चौरसिया said...

sundar bhajan

राजीव तनेजा said...

मधुर आवाज़ में सुन्दर भजन

गिरीश बिल्लोरे said...

मधुर गीत माफ़ कीजिये भजन

Gourav Agrawal said...

बेहद सुन्दर !!


बहुत ही मधुर

आज सुबह सबसे पहले सुना

आनंद आ गया

संजय भास्कर said...

बहुत मधुर आवाज़ है आपकी ...

संजय भास्कर said...

.....बहुत मधुर आवाज़ है आपकी

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

बहुत सुन्दर!

मीनाक्षी said...

मधुर गीत मीठे सुर में..